Hogwash and gibberish.
Thursday, February 14, 2013
रंग
रातों में हर तरफ़ बिछा
कोयले का कारा
या जलते हुए सूरज सा
चढ़ता सुर्ख पारा
इस
स्याही
का रंग क्या
इस
अक्षर का अर्थ क्या
टूटे इस कलम से लिखी
कहानी का इस अंत क्या
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